महाराष्ट्र पंचायत चुनाव शिवसेना नंबर 1, बीजेपी नंबर दो पर पहुंची
मुंबई
महाराष्ट्र में ग्राम पंचायत चुनावों में महाविकास अघाड़ी ने मिलकर अच्छी खासी सीटों पर कब्जा जमाया है। हालाँकि बीजेपी ने फिर भी सभी पार्टियों से ज्यादा सीटें जीती है। एमवीए को मिले इस जनादेश के बाद बीजेपी को आइना दिखाते हुए सामना ने लिखा है कि ये रुझान नहीं तो और क्या है? ग्राम पंचायत चुनाव जनमत का रुझान ही होता है, यह स्वीकार कर लो नहीं तो महाराष्ट्र की जनता तुम्हें और धूल चटाए बिना नहीं रहेगी। ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के ‘कार्यकर्ताओं’ का हाथ पकड़कर महाराष्ट्र में राजनीतिक क्रांति नहीं की जा सकती। महाराष्ट्र की माटी कुछ अलग है।
महाराष्ट्र के 34 जिलों की 12,711 ग्राम पंचायत सीटों पर चुनाव हुआ था, जिसके नतीजे बीते दिन घोषित किए गए हैं.
आज सुबह तक के नतीजे
• शिवसेना- 3113
• बीजेपी- 2632
• एनसीपी- 2400
• कांग्रेस- 1823
• मनसे- 36
• निर्दलीय- 2344
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई में चल रही महा विकास अघाड़ी के गठबंधन सरकार के सामने ये पहली बड़ी राजनीतिक चुनौती थी. जिसमें अगर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना को मिलाकर नतीजों को देखें तो करीब सात हजार सीटों पर जीत हासिल की जा चुकी है. हालांकि, भाजपा का दावा है कि उनके समर्थित कई निर्दलीयों को भी बड़ी जीत मिली है.
महाराष्ट्र में 34 जिलों में 12,711 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को हुए चुनाव 79 फीसदी मतदान हुआ था. राज्य की ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2020 को चुनाव होने वाले थे, लेकिन कोरोना की वजह से 17 मार्च 2020 को चुनाव कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया. इसके बाद पंचायत चुनाव की घोषणा दिसंबर में गई थी.
पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकर शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी तंज कसा गया है. शिवसेना ने लिखा है कि भारतीय जनता पार्टी को अब समझना चाहिए कि राज्य में बीजेपी के साथी ईडी, सीबीआई और आईटी विभाग राजनीतिक जीत नहीं दिला सकते हैं. शिवसेना ने लिखा कि बीजेपी की ओर से लगातार महा विकास अघाड़ी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन जनता ने एक बार फिर वोट के जरिए अपना रुख साफ कर दिया है.

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